छत्तीसगढ़
उद्योग हितैषी नीति से राज्य में 7.69 लाख करोड़ रूपए के निवेश
Shantanu Roy
11 Dec 2025 11:10 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साधने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर प्रदेश में नई औद्योगिक नीति (2024-30) लागु की गई है। राज्य की उद्योग हितैषी नीति के फैसले निवेशक छत्तीसगढ़ में उद्योग-धंधा स्थापित करने की दिशा में आकर्षित हो रहे हैं। प्रदेश में 01 जनवरी 2024 से अक्टूबर 2025 तक 2415 उद्योग स्थापित हुए जिनके द्वारा लगभग 18058.34 करोड़ का निवेश किया गया एवं लगभग 42 हजार 500 रोजगार सृजित हुए। 01 जनवरी 2024 से अक्टूबर 2025 तक उद्योगों को 1000 करोड़ से अधिक अनुदान का वितरण किया गया।
निवेश प्रोत्साहन
नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को 1 नवंबर 2024 से प्रभावी किया गया है। पहली बार नीति को रोज़गार उन्मुख बनाया गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की पहल पर प्रशिक्षण सब्सिडी ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा 1000 से अधिक रोजगार देने वाली इकाइयों के लिए कस्टमाइज़्ड पैकेज की व्यवस्था की गई है। राज्य में श्रम-प्रधान उद्योगों को आकर्षित करने हेतु 27 मई 2025 को की गई संशोधन के माध्यम से रोज़गार सृजन सब्सिडी एवं एम्प्लॉयमेंट मल्टिप्लायर का प्रावधान किया गया है। सेवा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने हेतु औद्योगिक विकास नीति के तहत पात्र सेवा क्षेत्रों की सूची को बढ़ाकर 43 किया गया है।
पहली बार पर्यटन एवं स्वास्थ्य सेवाओं को औद्योगिक विकास नीति में शामिल किया गया है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और खेल प्रशिक्षण को बढ़ावा देने हेतु 27 मई 2025 के संशोधन द्वारा निजी विद्यालय निजी शीर्ष 100 एवं विदेशी विश्वविद्यालय तथा निजी आवासीय खेल अकादमियों को औद्योगिक विकास नीति में सम्मिलित किया गया है। नीति के प्रचार-प्रसार व निवेश आकर्षित करने हेतु रायपुर, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु ओसाका, जगदलपुर एवं अहमदाबाद में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन प्रयासों के चलते राज्य को लगभग 7.69 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें स्टील पावर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, आईटी, बीपीओ लीन एनर्जी आदि क्षेत्र शामिल हैं। नवा रायपुर में राज्य में देश का प्रथम एआई डाटा सेन्टर तथा सेमीकंडक्टर निर्माण हेतु रु 11.000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं इनकी स्थापना की जा रही है।
ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस
अनुपालनों को कम करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, राज्य ने अनुपालन बोझ को घटाने की पहल की है। इसके तहत 1167 जटिल अनुपालनों की पहचान की गई, 231 प्रावधानों को अपराध मुक्त (decriminalize) किया गयाए 369 प्रक्रियाओं-प्रक्रियाओं को डिजिटल किया गया, 194 प्रावधानों-प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया, तथा 14 प्रावधानों में अनावश्यकता (redundancy) को समाप्त किया गया। कुल 716 व्यवसाय केंद्रित अनुपालनों में से 117 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया, 231 प्रक्रियाएँ प्रक्रियाओं को डिजिटल किया गया, 153 प्रावधानों प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया और 14 प्रावधानों में अनावश्यकता कम की गई। इसके अलावा कुल 451 नागरिक केंद्रित अनुपालनों को सुव्यवस्थित किया गया है, जिनमें से 114 प्रावधानों को अपराधमुक्त 138 प्रक्रियाओं प्रक्रियाओं को डिजिटल, तथा 41 प्रावधानों प्रक्रियाओं को सरल किया गया है।
इन सभी पहलों का उद्देश्य राज्य में व्यवसायों के लिए एक अनुकूल और सहज वातावरण तैयार करना है ताकि उद्योग और व्यापार क्षेत्र और अधिक विकसित हो सके। बिज़नेस रिफॉर्म एक्शन प्लान के तहत विभिन्न विभागों के नियम और प्रक्रियाएँ सरल की गईं। महिलाओं को सुरक्षित तरीके से 24×7 कार्य की अनुमति देने हेतु संबंधित नियमों में संशोधन किए गए। राज्य में 435 बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान को क्रियान्वयित किया गया है। बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान के अंतर्गतराज्य 4 श्रेणियों में टॉप अचीवर बना। 82 जिला स्तरीय सुधारों की पहचान की गई, जिनमें से 124 सुधार लागू किए जा चुके हैं नई सिंगल विंडो प्रणाली भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के आधार पर विकसित की गई है। नया पोर्टल 1 जुलाई 2025 को लॉन्च किया गया। राज्य के विभिन्न अधिनियमों में छोटे अपराधों को अपराध मुक्त (decriminalize) करने हेतु विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ जनविश्वास प्रावधानों में संशोधन अधिनियम 2025 मानसून सत्र में विधानसभा द्वारा पारित किया गया। अधिनियम के माध्यम से 8 अधिनियमों के अंतर्गत 163 प्रावधानों को गई अपराधिकृत किया गया। जनविश्वास अधिनियम पारित करने वाला देश में दूसरा राज्य बना। औद्योगिक भूमि आवंटन को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने हेतु छत्तीसगढ़ भूमि आवंटन नियमों में संशोधन किया गया है। अब औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आबंटन फर्स्ट-कम-फर्स्ट-सर्व की जगह ई-टेंडरिंग के माध्यम से किया जा रहा है।
औद्योगिक अधोसंरचना
पिछले एक वर्ष में 7 औद्योगिक पार्क स्थापित किए गए तथा 7 अन्य स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना प्रक्रिया में हैं। विगत दो वर्षों में औद्योगिक लैंड बैंक हेतु कुल 05 जिलों में कुल रकबा 255.725 हेक्टेयर भूमि का आधिपत्य विभाग को प्राप्त हुआ है। औद्योगिक लैंड बैंक हेतु कुल 08 जिलों में कुल रकबा 940.65 हेक्टेयर नैशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड हेतु 02 जिलों में कुल रकबा 172.112 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन किया गया है तथा हेल्थ एण्ड वेलनेस हेतु 07 जिलों में कुल रकबा 82.000 हेक्टेयर शासकीय भूमि का चिन्हांकन किया गया है।
एक्सपोर्ट फ़ैसिलिटेशन काउंसिल
सरकारी खरीद को पारदर्शी और किफायती बनाने हेतु राज्य सरकार द्वारा जीईएम पोर्टल अपनाया गया है। सीएसआईडीसी के माध्यम से जीईएम टीम द्वारा जिलेवार और विभागवार प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य के निर्यात को बढ़ावा देने हेतु आईआईएफटी कोलकाता के साथ एमओयू कर राज्य स्तर पर एक्सपोर्ट फ़ैसिलिटेशन काउंसिल स्थापित की गई है। साथ ही निर्यात संवर्धन हेतु प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट निर्यात आयुक्त कार्यालय में नियुक्त की गई है।
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